Jantar Mantar CJP Protest: Cockroach Janta Party से मिले JP Nadda, जानें पूरा मामला

Jantar Mantar CJP Protest इस समय देश की सबसे बड़ी Political Headlines में से एक बना हुआ है। पिछले एक महीने से ज़्यादा समय से दिल्ली के Jantar Mantar पर डेरा डाले बैठे Gen Z Activists के इस आंदोलन ने अब सीधे Central Government तक अपनी पहुंच बना ली है। सच कहूं तो जिस Movement की शुरुआत एक Satirical Party Name से हुई थी, उसका इतनी गंभीरता से सरकार द्वारा Notice लिया जाना, अपने आप में एक बड़ी बात है।

Cockroach Janta Party (CJP) है क्या?

Cockroach Janta Party, जिसे लोग छोटे नाम “CJP” से जानते हैं, कोई पारंपरिक Political Party नहीं, बल्कि एक Youth-Led Protest Movement है। इसकी शुरुआत Abhijeet Dipke नाम के एक युवा Activist ने की थी, और नाम भी जानबूझकर ऐसा रखा गया है — “Cockroaches don’t die” यानी चाहे कितना भी दबाया जाए, ये Movement खत्म नहीं होगा। Dipke का कहना है, “भारत में अगर आप अमीर हैं, तो पूरा System आपकी उंगलियों पर नाचता है। अगर आप गरीब हैं, तो कोई आपके साथ खड़ा नहीं होता।”

आखिर मांग क्या है?

CJP की मुख्य मांगें साफ हैं:

• NEET-UG Paper Leak Controversy को लेकर Education Minister Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग
• एक Detained Activist की रिहाई
• Students और Youth के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार से सीधा Dialogue
पिछले एक महीने से सैकड़ों युवा Jantar Mantar पर डेरा डाले बैठे हैं — जो दिल्ली की उन गिनी-चुनी जगहों में से एक है जहां सरकार बड़े स्तर पर Protests की Permission देती है।

“Chalo Sansad” मार्च और उसके बाद की हलचल

सोमवार को इस Movement ने एक नया मोड़ लिया, जब CJP ने “Chalo Sansad” यानी Parliament की तरफ मार्च का ऐलान किया — और दिलचस्प बात ये रही कि ये ठीक उसी दिन हुआ जब Monsoon Session की शुरुआत हो रही थी। इस मार्च के दौरान Delhi Police को Protesters को रोकने के लिए Force का इस्तेमाल भी करना पड़ा।

मेरी नज़र में यही Timing और Intensity थी जिसने सरकार को बातचीत की मेज़ पर आने के लिए मजबूर किया, क्योंकि इससे पहले एक महीने तक सरकार की तरफ से कोई Official Response नहीं आया था।

JP Nadda से हुई मुलाकात

सोमवार सुबह पहली बार Protesters की तरफ से खुद बातचीत का प्रस्ताव आया। शुरुआत में CJP Spokespersons Saurav Das और Ashutosh Ranka की मुलाकात Delhi Police के DCP Sachin Sharma से हुई, और उसके बाद उन्हें सीधा Union Health Minister JP Nadda से मिलवाया गया।

Nadda ने खुद इस मुलाकात के बारे में बताया: “आज सुबह पहली बार, Protesters की तरफ से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया, और हमारी चर्चा सुबह 11:50 बजे से शुरू हुई। मुलाकात का माहौल पूरी तरह Cordial रहा। उनके Delegation के साथ पहले विस्तार से मौखिक चर्चा हुई, और शाम करीब 4 बजे उन्होंने मुझे एक लिखित Petition सौंपी।”

Das के मुताबिक, शुरुआत में Nadda ने उनसे उनके निवास पर सिर्फ 10 मिनट के लिए मुलाकात की, जिसमें उन्होंने मांगों पर चर्चा के लिए और समय मांगा। Ranka का कहना है कि Health Minister ने Movement की मांगों को गंभीरता से सुना।

Education Minister अभी भी टस से मस नहीं

इतनी बड़ी बातचीत के बावजूद, सबसे बड़ी मांग — यानी Education Minister Dharmendra Pradhan का इस्तीफा — अभी भी पूरी नहीं हुई है। Pradhan ने अब तक पद छोड़ने से साफ इनकार किया है। जब NPR ने BJP प्रवक्ताओं और Pradhan से इस मामले पर सवाल पूछने की कोशिश की, तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।

सरकार की तरफ से किन-किन नेताओं ने की बातचीत?

Nadda से पहले CJP के मुद्दे पर सरकार के अंदर भी हलचल तेज़ रही। Reports के मुताबिक Nadda ने इस मुलाकात से पहले Home Minister Amit Shah और खुद Education Minister Dharmendra Pradhan से भी Parliament House Complex में मुलाकात की थी। यानी सरकार के भीतर इस Movement को लेकर पहले से ही गंभीर चर्चा चल रही थी।

Social Media पर भी छिड़ी जंग

CJP की कहानी में एक दिलचस्प Twist ये भी है कि भारत सरकार ने Movement के पहले X (Twitter) Account को “राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा” बताते हुए Ban कर दिया था। लेकिन Dipke और उनकी टीम ने हार नहीं मानी और एक नया Account बना लिया, जिसका Tagline रखा — “Cockroaches don’t die”।

इसी बीच, Bollywood Celebrity Diljit Dosanjh का भी एक Statement चर्चा में रहा, जब एक Instagram Live Session के दौरान उनसे CJP Protest के बारे में पूछा गया तो उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में जवाब दिया, “भाई, मुझे दूर ही रखो।”

Political Parties का समर्थन

इस Movement को अब कई विपक्षी नेताओं का भी साथ मिल रहा है। Protest स्थल पर मौजूद AAP नेता Gopal Rai ने कहा, “आज पूरे देश से Student और Youth Groups Jantar Mantar पर जमा हुए हैं। इनकी एक ही चिंता है — इस देश के करोड़ों Students और Youth का भविष्य।”

Jantar Mantar CJP Protest: आगे क्या होगा?

फिलहाल स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। सरकार ने Talks की शुरुआत तो कर दी है, लेकिन जब तक Education Minister के इस्तीफे या किसी ठोस Action की घोषणा नहीं होती, तब तक Protesters के पीछे हटने की संभावना कम ही लगती है। आने वाले दिनों में ये देखना अहम होगा कि क्या ये बातचीत किसी ठोस नतीजे तक पहुंचती है, या Movement और तेज़ होता है।

निष्कर्ष

Jantar Mantar CJP Protest सिर्फ एक Student Movement नहीं रह गया, बल्कि ये दिखाता है कि आज की युवा पीढ़ी अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर कितनी मुखर हो चुकी है — चाहे वो Social Media के ज़रिए हो, या सड़कों पर उतरकर। एक Satirical नाम से शुरू हुआ ये Movement अब सीधे Central Government के साथ Formal बातचीत की मेज़ तक पहुंच चुका है, जो अपने आप में इस आंदोलन की गंभीरता को दर्शाता है।

आपको क्या लगता है — क्या सरकार और CJP के बीच ये बातचीत किसी हल तक पहुंचेगी? कमेंट में अपनी राय ज़रूर बताइए।

Sources: The Tribune, NPR, The Quint

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