Linus Torvalds एक बार फिर टेक की दुनिया में ट्रेंड कर रहे हैं लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम (Linux Operating System) और गिट (Git) बनाने वाले फिनिश-अमेरिकी सॉफ्टवेयर इंजीनियर लिनुस टोरवाल्ड्स एक बार फिर टेक (Tech) की दुनिया में ट्रेंड (Trend) कर रहे हैं। वजह है उनका Linux 7.2 का दूसरा रिलीज़ कैंडिडेट (RC2), जो कुछ दिन पहले ही जारी हुआ है। लेकिन असली दिलचस्पी की बात यह है कि पिछले कई महीनों से टोरवाल्ड्स लगातार AI को लेकर अपनी बेबाक राय देते आ रहे हैं, और यही चर्चा का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
Linus Torvalds: Linux 7.2 समय पर आएगा
टोरवाल्ड्स ने बताया कि Linux 7.2 का RC2 वर्जन (Version) बिल्कुल सामान्य लग रहा है, और यह पिछले वर्जन (Linux 7.1) के RC2 से भी छोटा है। पिछले कुछ रिलीज़ में पैच (Patches) का साइज़ अचानक बढ़ गया था, जिसकी वजह टोरवाल्ड्स ने AI कोडिंग टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल को बताया था। उन्होंने कहा था कि यह अब कोई एक बार की बात नहीं, बल्कि “न्यू नॉर्मल (New Normal)” बन चुकी है।
AI को लेकर linus torvalds की राय साफ है
टोरवाल्ड्स बार-बार यह कहते आए हैं कि AI एक बढ़िया टूल है, लेकिन यह इंसानी प्रोग्रामर्स की जगह नहीं ले सकता। ओपन सोर्स समिट (Open Source Summit) में दिए गए एक भाषण में उन्होंने कहा था कि जब कोई कहता है कि “99% कोड AI ने लिखा है,” तो उन्हें सच में गुस्सा आता है। उनका मानना है कि बड़े और लंबे समय तक चलने वाले प्रोजेक्ट्स बनाने के लिए डेवलपर्स (Developers) को कोड और सिस्टम की गहरी समझ होनी ज़रूरी है, सिर्फ AI को प्रॉम्प्ट (Prompt) करना काफी नहीं।
उन्होंने एक दिलचस्प तुलना भी की – जैसे पुराने ज़माने में मशीन लैंग्वेज से कंपाइलर आने पर प्रोडक्टिविटी (Productivity) में हज़ार गुना बढ़ोतरी हुई थी, उसके मुकाबले AI अभी सिर्फ 10 गुना प्रोडक्टिविटी बढ़ा रहा है। उनका कहना है, “AI प्रोग्रामिंग को बदल रहा है, लेकिन इसका मज़ा कम नहीं कर रहा।”
सिक्योरिटी टीम पर बढ़ता बोझ
एक दूसरी बड़ी खबर यह रही कि टोरवाल्ड्स ने खुद माना कि Linux की सिक्योरिटी मेलिंग लिस्ट (Security Mailing List) अब “लगभग पूरी तरह अस्त-व्यस्त (Unmanageable)” हो चुकी है। वजह है – कई रिसर्चर्स एक जैसे AI टूल्स से बग्स (Bugs) ढूंढ रहे हैं और एक ही समस्या की बार-बार रिपोर्ट भेज रहे हैं। इससे मेंटेनर्स (Maintainers) का ज़्यादातर समय सिर्फ यह बताने में जा रहा है कि “यह बग तो पहले ही ठीक हो चुका है।”
एक कैज़ुअल इंटरव्यू भी हुआ था वायरल
कुछ समय पहले टोरवाल्ड्स एक और वजह से भी सुर्खियों में आए थे। वे लिनुस टेक टिप्स (Linus Tech Tips) नाम के मशहूर यूट्यूब चैनल पर एक अनौपचारिक (Casual) इंटरव्यू में नज़र आए, जहां उन्होंने कनाडाई होस्ट लिनुस सेबेस्टियन के साथ मिलकर एक कस्टम पीसी (Custom PC) भी बनाया था। यह वीडियो 1.67 करोड़ सब्सक्राइबर्स वाले चैनल पर आया और उनके सामान्य इंटरव्यूज़ से 10 गुना ज़्यादा व्यूज़ (Views) पाया।
Linux के भविष्य की योजना भी तय हुई
एक और अहम बात यह है कि Linux प्रोजेक्ट के इतिहास में पहली बार एक औपचारिक “सक्सेशन प्लान (Succession Plan)” बनाया गया है, यानी अगर टोरवाल्ड्स या बाकी बड़े मेंटेनर्स किसी वजह से काम नहीं कर पाए, तो प्रोजेक्ट कैसे आगे बढ़ेगा। इस दस्तावेज़ पर Linus Torvalds ने खुद अपनी मंज़ूरी दी है। माना जा रहा है कि भविष्य में यह ज़िम्मेदारी ग्रेग क्रोआ-हार्टमैन को मिल सकती है, जो अभी टोरवाल्ड्स के सबसे भरोसेमंद साथियों में से एक हैं।
लिनुस टोरवाल्ड्स 1991 से Linux को लीड (Lead) कर रहे हैं, और आज भी वे टेक कम्युनिटी (Tech Community) में उतने ही सक्रिय और सीधी बात कहने वाले शख्स बने हुए हैं। AI को लेकर उनकी संतुलित (Balanced) राय – न पूरी तरह विरोध, न आंख मूंदकर स्वीकार – ही शायद वजह है कि वे बार-बार चर्चा में आ जाते हैं।

